तहक्षी™ Tehxi Profile picture
Dharm ॥ History || Jyotish || Politics ॥ Posting Threads🧵Everyday ॥ नमश्चण्डिकायै【࿗】 https://t.co/JqmXNBlI5G
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Apr 4 6 tweets 2 min read
मांडना से आती है घर में लक्ष्मी और शांति, जानिए 🧵

रंगोली या मांडना हमारी प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति की समृद्धि के प्रतीक हैं, इसलिए 'चौंसठ कलाओं' में मांडना को भी स्थान प्राप्त है। Image इससे घर परिवार में मंगल रहता है। उत्सव-पर्व तथा अनेकानेक मांगलिक अवसरों पर रंगोली से घर-आंगन को खूबसूरती के साथ अलंकृत किया जाता है। रंगोली के पहले मांडना प्रचलीत था जो आज भी है

मांडना भारत की बहुत ही प्राचीन परंपरा रही है। सिन्धु घाटी की प्राचीन सभ्यताओं मोहनजोदड़ो और हड़प्पा में इसके चिह्न पाए गए हैं। मांडना को 64 कलाओं में शामिल किया गया है जिसे 'अल्पना' कहा गया है। यह चित्रकला का एक अंग है। भारत में मांडना विशेषतौर पर होली, दीपावली, नवदुर्गा उत्सव, महाशिवरात्रि और संजा पर्व पर बनाया जाता है।

मांडनों को श्री और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यह माना जाता है कि जिसके घर में इसका सुंदर अंकन होता रहता है, वहां लक्ष्मी निवास करती है।
Apr 4 32 tweets 26 min read
Principal Hindu Clan: Know Your Ancestors Today 🧵

Your lineage and dynasties that have continued for ages. #Thread

Be sure to read this thread all the way to the end. 🧵 Image The entire Earth is made up of parts of Brahma, Vishnu, and Mahesh (Shiva) along with the children of the sages and seers. From their sons and daughters, the origins of gods (devas), demons (asuras), danavas, rakshasas, gandharvas, yakshas, kinnars, vanaras, nagas, charanas, nishads, matatangs, richas, bhallas, kirats, apsaras, vidyadharas, siddhas, Nisha-Chars, Veer, family deities (Kul-Devi), local deities, village gods, ancestors, spirits, ghosts, pretas, pisachas, kushmanda, brahmarakshasas, vetalas, guardians, humans, and others can be traced.

The dedicated efforts of genealogists, pilgrimage priests, scholars, and keepers of genealogical traditions to unite all the inhabitants of Aryavarta serve as a modern example of the Vedic sage tradition. According to the Puranas, King Nahusha—a Chandravanshi ruler of Ilavarta—played a role in the origin of the Dravidian, Chola, and Pandya groups. The Puranas take Indian history back to the great deluge (Jalapralaya). This marks the beginning of the Vaivasvata Manvantara. The Vedas mention the term ‘Panchanad’, meaning that the lineages of Indians expanded from five major clans.
Apr 4 12 tweets 3 min read
आपकी जन्म तारीख में छिपे है इतने राज जो बताते है आपके इष्ट देव, यदि वह आपसे प्रसन्न है तो भाग्य का काया पलट कर रख देता है इनका आशीर्वाद 🧵 Image क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी जन्मतिथि के पीछे कोई दिव्य रहस्य छिपा हो सकता है? हिंदू धर्म और अंक ज्योतिष के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति की जन्मतिथि न केवल उसके व्यक्तित्व, स्वभाव और भाग्य को प्रभावित करती है, बल्कि यह भी बताती है कि उसका इष्ट देव कौन है।

यदि आप अपने इष्ट देव की आराधना सही विधि से करें, तो उनके आशीर्वाद से जीवन में आश्चर्यजनक सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं। आइए जानते हैं कि आपकी जन्मतिथि के अनुसार आपका इष्ट देव कौन है और उनकी पूजा से क्या लाभ मिल सकता है।
Apr 3 6 tweets 3 min read
इस पौधे के 18 पत्तों का डेली सेवन आपके शरीर से निचोड़ फेकेगा 18 रोगों को, हर अंग को हेल्दी रखने में निभाता है विशेष कार्य 🧵 Image Health Benefits of Parijat Leaves

प्रकृति ने हमें कई औषधीय पौधे दिए हैं, जो हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन पौधों में से एक है पारिजात, जिसे हरसिंगार भी कहा जाता है।

पारिजात के पत्ते अपनी औषधीय गुणों के लिए प्राचीन काल से प्रसिद्ध हैं। आयुर्वेद में इसे कई रोगों के उपचार के लिए उपयोगी माना गया है।
Apr 3 16 tweets 7 min read
🚨 क्या सिद्धियां प्राप्त की जा सकती है !? 🧵

🚨कितनी प्रकार की सिद्धिया आज भी कार्य कर रही है ?

🚨कैसे प्राप्त की है सिद्ध पुरषों ने सिद्धिया?

कृपया #thread पढ़े बिना मत जाए Image सिद्धि और योग का महत्व

नियमित यम-नियम और योग के अनुशासन से न केवल दूसरों के मन की बातें भी जानी जा सकती हैं। परा और अपरा सिद्धियों के बल पर आज भी कई ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्हें देखकर हम अचंभित रह जाते हैं।

सिद्धि का अर्थ

सिद्धि का सामान्य अर्थ सफलता होता है। यह किसी कार्य में पूर्ण पारंगत होने को दर्शाता है। सामान्यतः सिद्धि को चमत्कार या रहस्य से जोड़ा जाता है, लेकिन योग के अनुसार सिद्धि का अर्थ इंद्रियों की पुष्टता और व्यापकता से है, अर्थात देखने, सुनने और समझने की क्षमता का उन्नयन।
Apr 3 13 tweets 11 min read
प्रत्येक हिंदू का घर वास्तु से अनुसार कैसा होना चाहिए,
जानने की बहुत आवश्यकता है 🧵

आजकल आबादी के बढ़ते या पश्चिम के अनुसरण के चलते लोगों ने फ्लैट में रहना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर कोई भी वास्तुशास्त्र का पालन नहीं करता है।

कई ऐसे वास्तुशास्त्री हैं तो घर की दिशा या दशा को बदले बिना घर को वास्तुदोष से मुक्त करने का दावा करते हैं।घर की वस्तुओं को इधर से उधर कर या किसी प्रकार का हवन करवाकर वास्तुदोष दूर करने का दावा करते हैं, किंतु क्या यह सही है?Image यथार्थवादी दृष्टिकोण यह है कि यदि घर में आपको शांति भरी गहरी नींद, पौष्टिक एवं सात्विक आहार तथा प्रेम व आत्मीयता का संपूर्ण अनुभव नहीं हो रहा है, तो निश्चय ही वहां वास्तुदोष विद्यमान है। घर ही परिवार और समस्त संसार का आधार होता है। यदि घर नहीं है, तो जीवन मानो भीड़ में भटकता एक पथिक बन जाता है। स्वयं का घर होना अत्यंत आवश्यक है। जीवन का प्रथम लक्ष्य एक सुदृढ़ एवं वास्तुदोष-मुक्त गृह का निर्माण होना चाहिए, क्योंकि यदि यह सुनिश्चित हो जाए, तो शेष समस्याएँ गौण हो जाती हैं। आइए, हम जानते हैं कि एक आदर्श हिंदू गृह कैसा होना चाहिए, इस विषय में दस महत्वपूर्ण बातें…
Apr 2 6 tweets 2 min read
सोने से पहले हर रोज एक हरी इलायची चबा लें, इन स्वास्थ्य समस्याओं का हो जाएगा नाश 🧵 Image हरी इलायची को आमतौर पर मसालों की रानी कहा जाता है. ये हमारे किचन का एक जरूरी हिस्सा है. इसका इस्तेमाल सिर्फ खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए नहीं, बल्कि सेहत को बेहतर बनाने के लिए भी किया जाता है

अगर आप सोने से पहले हर रोज एक हरी इलायची चबाने की आदत डालें, तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत पाने में मदद मिल सकती है. आयुर्वेद में हरी इलायची को औषधीय गुणों का खजाना माना गया है. बहुत कम लोगों को पता होता है कि इलायची चबाना किन स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा पाने का घरेलू उपाय है. आइए जानते हैं कि इसे रोजाना रात में चबाने से आपके शरीर को क्या अद्भुत फायदे मिल सकते हैं.
Apr 2 9 tweets 4 min read
9 औषधियों के पेड़ पौधे जिन्हें नवदुर्गा कहा गया है आइए इनके बारे में जान लेते है 🧵

1) प्रथम शैलपुत्री (हरड़) : कई प्रकार के रोगों में काम आने वाली औषधि हरड़ हिमावती है जो देवी शैलपुत्री का ही एक रूप है.यह आयुर्वेद की प्रधान औषधि है यह पथया, हरीतिका, अमृता, हेमवती, कायस्थ, चेतकी और श्रेयसी सात प्रकार की होती हैImage 2) ब्रह्मचारिणी (ब्राह्मी) : ब्राह्मी आयु व याददाश्त बढ़ाकर, रक्तविकारों को दूर कर स्वर को मधुर बनाती है.इसलिए इसे सरस्वती भी कहा जाता है Image
Apr 2 5 tweets 2 min read
मिल गई कलियुग की संजीवनी बूटी ! चुटकियों में दूर करेगी सिरदर्द, डायबिटीज समेत इन बीमारियों में रामबाण इलाज 🧵 Image Agastya Tree Benefits: वर्तमान समय में बीमारियों का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. करोड़ों की संख्या में लोग डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज से जूझ रहे हैं. इन डिजीज की वजह से लाखों लोग हर साल जान भी गंवा रहे हैं.
आयुर्वेद में बीमारियों से छुटकारा पाने के अद्भुत तरीके बताए गए हैं. आयुर्वेद में कई ऐसे पेड़-पौधे हैं, जिनका इस्तेमाल स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में किया जाता है. ऐसा ही एक 'अगस्त्य का पेड़' है. इस पेड़ के सभी हिस्से यानी फूल, पत्तियां, जड़ और छाल सेहत के लिए अति लाभकारी होते हैं. इसे संजीवनी बूटी माना जाता है, क्योंकि इसमें औषधीय गुणों का भंडार होता है.
Apr 2 5 tweets 3 min read
हरियाणा के हिसार ( वीर बरबरान ) मे एक पीपल का पेड़ है जिसको वीर बर्बरीक ने श्री कृष्ण भगवान के कहने पर अपने वाणों से छेदन किया था ! 🧵

आज भी इन पत्तो में छेद है ! सबसे बड़ी बात ये है की जब इस पेड़ में नए पत्ते निकलते है तो उनमे भी छेद होता है ! सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि, इसके बीज से उत्पन्न नए पेड़ के भी पत्तों में छेद होता है !Image यह पीपल का पेड़ महाभारत काल की घटना का प्रत्यक्ष प्रमाण है और जो लोग रामायण और महाभारत जैसी घटनाओं को काल्पनिक करार देते है एवं यह कहते है कि इन घटनाओं को मानने वाले लोग काल्पनिक दुनिया में जीते हैं, उन लोगों के लिए यह किसी जोरदार तमाचे से कम नहीं होगा...जिन्होंने थोड़ी भी महाभारत पढ़ी होगी उन्हें वीर बर्बरीक वाला प्रसंग जरूर याद होगा !
Apr 1 8 tweets 4 min read
राजा सत्यव्रत (मनु) एवं मत्स्य अवतार की कथा

- Thread 🧵 Image 1 ) मत्स्य पुराण में उल्लेख है कि सत्यव्रत नाम के राजा एक दिन कृतमाला नदी में जल से तर्पण कर रहे थे। उस समय उनकी अंजुलि में एक छोटी सी मछली आ गई। सत्यव्रत ने मछली को नदी में डाल दिया तो मछली ने कहा कि इस जल में बड़े जीव-जंतु मुझे खा जाएंगे। यह सुनकर राजा ने मछली को फिर जल से निकाल लिया और अपने कमंडल में रख लिया और आश्रम ले आए।Image
Apr 1 16 tweets 8 min read
🚨 100 रोग 100 निधान 🧵

रोग होने से पहले जानिये रोग के बचाव

इस #thread को अवश्य share करे Image 1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. *लकवा* - सोडियम की कमी के कारण होता है
3. *हाई वी पी में* - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।
4. *लो बी पी* - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।
5. *कूबड़ निकलना*- फास्फोरस की कमी ।
Apr 1 8 tweets 3 min read
भूत प्रेत बाधा किन ग्रह नक्षत्र के कारण होती हैं? 🧵

तथा निवारण जानिये , कृपया thread अंत तक अवश्य पढ़े

ज्योतिष शास्त्र में भूत-प्रेत बाधा या नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रभाव को कुछ विशेष ग्रहों और योगों से जोड़ा जाता है। मुख्यतः निम्नलिखित ग्रह और उनकी स्थितियाँ इस प्रकार की बाधाओं से संबंधित मानी जाती हैंImage 1. राहु और केतु

राहु और केतु छाया ग्रह हैं और इन्हें रहस्यमय, अदृश्य शक्तियों और भ्रम का कारक माना जाता है। कुंडली में इनकी प्रतिकूल स्थिति भूत-प्रेत बाधा का संकेत दे सकती है। उदाहरण के लिए:

• लग्न (प्रथम भाव) में राहु की उपस्थिति: यदि राहु लग्न में स्थित हो और उस पर शनि की दृष्टि हो, तो व्यक्ति नकारात्मक ऊर्जाओं से प्रभावित हो सकता है।

चंद्रमा के साथ राहु की युति: यदि लग्न में चंद्रमा और राहु साथ हों, और पंचम तथा नवम भाव में पाप ग्रह स्थित हों, तो यह योग भूत-प्रेत बाधा का संकेत देता है।
Mar 31 16 tweets 12 min read
⚠️ बिना दवा के कैंसर का इलाज! जानें डॉ. बुडविज की अनोखी चिकित्सा पद्धति. 1000 से अधिक कैंसर रोगियों को बिना दवाई कर चुकी है ठीक 🧵

अवश्य थ्रेड पढ़े एवं कृपया शेयर करे Image कैंसर के रोगी के उपचार में कितनी तकलीफे आती हैं। भयंकर पीड़ा सहन करनी पड़ती हैं। और कैंसर के 99% रोगियों को आराम भी नहीं आता। मगर क्या आप जानते हैं के एक ऐसी भी महिला थी जिन्होंने कैंसर के हज़ारो रोगियों को बिना दवा के सही किया, सिर्फ घरेलु चिकित्सा से।
Mar 31 11 tweets 6 min read
🚨 मेहंदीपुर बालाजी आने वाले भक्तों को पीछे मुड़कर देखने की क्यों है मनाही?

🚨 मंदिर का प्रसाद घर क्यों नहीं लाया जाता ?

🚨 मेहंदीपुर बालाजी के विग्रह के पीछे कहानी ?

कृपया अंत #thread अवश्य पढ़े Image मेहंदीपुर बालाजी मंदिर भगवान हनुमान जी जिन्हें 'संकट मोचन' माना जाता है, यानी, संकट का नाश करने वाले, बल के देवता, के लिए समर्पित है
यह मंदिर दुनिया भर के कई तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है क्योंकि यह धार्मिक उपचार और बुरी आत्माओं के अनुलग्नकों और काले जादू या मंत्रों से भूत भगाने के लिए प्रसिद्ध है। भक्तों का दृढ़ विश्वास यह है कि मेहंदीपुर बालाजी मंदिर बुरी आत्माओं- भूतों और प्रेतों को भगाने का सबसे बेहतर वरदान/आशीर्वाद देता है।

बालाजी हनुमान का बाल रूप हैं। हनुमान जी स्थानीय पुजारी के सपनों में आये और उनसे यहां उनके नाम पर एक मंदिर का निर्माण करने को कहा। यह मंदिर विशेष रूप से बुरी आत्माओं से छुटकारा पाने के लिए जाना जाता है। सैकड़ों तीर्थयात्री किसी ना किसी संकट से यहाँ आते हैं और स्थानीय पुजारी भूत भगाने का काम करते हैं। उपचार हल्के (पवित्र ग्रंथों को पढ़ना और पूरी तरह से शाकाहारी भोजन का सेवन करना) से लेकर अधिक तीव्र (हिंसक रोगियों को झाड़-फूंक से पहले जंजीरों में जकड़ दिया जाता है) तक होता है। होली, हनुमान जयंती जैसे उत्सव के अवसर ऐसी आत्माओं से छुटकारा पाने के लिए सबसे प्रभावी समय माने जाते हैं।
Mar 30 7 tweets 4 min read
श्री ललिता सहस्रनाम स्तोत्र को संत चाबी लगाना कहते है 🧵

श्री ललिता सहस्रनाम को ऋषियों ने -“अक्षरों” के साथ एक अद्भुत चमत्कार दिया है Image यह पाठ भगवान विष्णु के अवतार हयग्रीव ने ऋषि अगस्त्य को बताया था।

यह ब्रह्माण्ड पुराण के ललितोपाख्यान खंड में हयग्रीव और अगस्त्य के बीच हुई बातचीत का हिस्सा है।

सहस्रनाम का उपयोग देवी माँ को समर्पित विभिन्न अनुष्ठानों और समारोहों में किया जाता है।
श्री ललिता सहस्रनाम स्तोत्र का गहरा आध्यात्मिक महत्व आत्मा को ऊपर उठाने और व्यक्ति को ब्रह्मांडीय चेतना से जोड़ने की क्षमता में निहित है।Image
Mar 30 14 tweets 8 min read
किसी भी प्रकार का कालसर्प दोष हो, निवारण लिखा जा चुका है 🧵

कृपया thread अंत तक अवश्य पढ़े

मूलरूप से कालसर्प योग के बारह प्रकार होते हैं

इन्हें यदि 12लग्नों में विभाजित कर दें तो 12x12=144 प्रकार के कालसर्प योग संभव हैं परन्तु 144 प्रकार के कालसर्प योग तब संभव हैं जब शेष 7 ग्रह राहु से केतु के मध्य स्थित होImage मध्य स्थित हाँ यदि शेष 7 ग्रह केतु से राहु के मध्य स्थित हाँ, तो 12x12=144 प्रकार के कालसर्प योग संभव हैं इसी प्रकार से कुल 144 + 144 हो सकते हैं = 288 प्रकार के कालसर्प योग स्थापित ईन सभी प्रकार के कालसर्प योगों का प्रतिफल एकदूसरे से भिन्न होता है मूलरूप से कालसर्प योगों के बारह प्रकार हैं जो विश्वविख्यात सर्पों के नाम पर आधारित हैं.

1-अनंत कालसर्प योग

2-वासुकि कालसर्प योग

3-तक्षक कालसर्प योग

4-करकोटक कालसर्प योग

5-शंखपाल कालसर्प योग

6-कुलिक कालसर्प योग

7-पदम कालसर्प योग

8-महापदम कालसर्प योग

9-शंखचूड कालसर्प योग

मध्य स्थित हाँ यदि शेष 7 ग्रह केतु से राहु के मध्य स्थित हाँ, तो 12x12=144 प्रकार के कालसर्प योग संभव हैं इसी प्रकार से कुल 144 + 144 हो सकते हैं = 288 प्रकार के कालसर्प योग स्थापित ईन सभी प्रकार के कालसर्प योगों का प्रतिफल एकदूसरे से भिन्न होता है मूलरूप से कालसर्प योगों के बारह प्रकार हैं जो विश्वविख्यात सर्पों के नाम पर आधारित हैं.

1-अनंत कालसर्प योग

2-वासुकि कालसर्प योग

3-तक्षक कालसर्प योग

4-करकोटक कालसर्प योग

5-शंखपाल कालसर्प योग

6-कुलिक कालसर्प योग

7-पदम कालसर्प योग

8-महापदम कालसर्प योग

9-शंखचूड कालसर्प योग

10-घातक कालसर्प योग

11-विषधर कालसर्प योग

12-शेषनाग कालसर्प योग।
Mar 29 22 tweets 9 min read
हनुमान चालीसा कलयुग के लिए एक संजीवनी
- Thread 🧵

🔹हनुमान चालीसा के रचयिता
🔹हनुमान चालीसा के पीछे की कहानी
🔹हनुमान चालीसा में छिपा दिव्य रहस्य
🔹ज्योतिषीय महत्व
🔹हनुमान चालीसा का जाप कब करें
🔹हनुमान चालीसा पढ़ने के लाभ

हनुमान जी का नाम लेकर यह थ्रेड अंत तक पढ़े 👇 Image 🔹 हनुमान चालीसा के रचयिता

हनुमान चालीसा महान संत गोस्वामी तुलसीदास की एक काव्य रचना हैं । चालीसा का अर्थ चालीस है और इस प्रसिद्ध रचना में हनुमान की प्रशंसा में 40 छंद हैं। संत तुलसीदास कहते हैं कि जो कोई भी हनुमान चालीसा का उच्चारण करता है, वह भगवान हनुमान की असीम कृपा को आकर्षित करेगा।Image
Mar 29 10 tweets 4 min read
⚠️ कुल देवता को परिवार का रक्षक कहते है , इसका अर्थात आपके परिवार पर आने वाली विपत्ति पहले कुलदेवता स्वयं के ऊपर लेते है 🧵

जानिये यदि आप नहीं जानते आपके कुलदेवता कौन है ! Image कुल देवता हिंदू परंपरा में परिवार के संरक्षक देवता होते हैं। यह सिर्फ एक धार्मिक विश्वास नहीं, बल्कि एक ऐसी परंपरा है जो हमारे पूर्वजों की आस्था, संस्कृति और मूल्यों को आगे बढ़ाती है। कुल देवता को परिवार का रक्षक माना जाता है, जो सुख-समृद्धि और संकटों से रक्षा करता है। हर हिंदू परिवार का एक खास कुल देवता होता है, जिसे पूरे वंश की भलाई के लिए पूजा जाता है।
Mar 28 5 tweets 2 min read
दिमाग की नस फटने से 1 दिन पहले शरीर देता है ये संकेत, अनदेखा करने पर आता है अटैक 🧵

100% आप ये अटैक रोक सकते है , जानिये कैसे Image Brain Stroke: जब मस्तिष्क की कोई नस ब्लॉक हो जाती है तो ब्रेन स्ट्रोक होता है। यह जानलेवा स्थिति है जिसका समय पर इलाज न मिलने पर मौत भी हो सकती है। लेकिन क्या आप मिनी ब्रेन स्ट्रोक के बारे में जानते हैं?

जो किसी बड़े अटैक से बहुत पहले ही सामने आ सकता है। इसके लक्षण हल्के होते हैं जिन्हें समय रहते पहचानकर बड़े अटैक से बचा जा सकता है। इसे मिनी ब्रेन स्ट्रोक या ट्रांसिएंट इस्केमिक अटैक भी कहते हैं।
Mar 28 11 tweets 6 min read
चाहे कैंसर हो या गठिया, चाहे लिवर फेल हो या किडनी सबका एक मात्र चमत्कारी उपाय 🧵

ज्वारों के रस द्वारा उपचार से 350 से अधिक रोग मिटाने के आश्चर्यजनक परिणाम देखने में आये हैं। जीव-वनस्पति शास्त्र में यह प्रयोग बहुत मूल्यवान है। Image आजकल की व्यस्त जीवन शेली में मनुष्य पे समय का अभाव है ,अनियमित खान -पान के चलते रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता दिनों-दिन घट रही है। मगर हम यदि जरा भी अपने अनमोल शरीर के लिए ध्यान दे और नियमित जीवन चर्या से सिर्फ पन्द्रह मिनट का समय निकाल कर इस प्रयोग को कर ले तो आपको कई बीमारियों से मुक्ति मिल जायेगी और जो स्वस्थ लोग है उनको भी डॉक्टर का मुंह नहीं देखना पड़ेगा ,क्युकि जीवन का सुख निरोगी काया में है .